अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने एक्स पर अपने पोस्ट में ग्राहम ने कहा कि मैं भारत के अपने दोस्तों से कह रहा हूं, भारत और अमेरिका के संबंधों को सुधारने के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण काम वे कर सकते हैं, वह है यूक्रेन में जारी इस खूनखराबे को खत्म के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की मदद करना. उन्होंने कहा कि भारत रूस से सस्ते तेल का आयात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, जिससे पुतिन के वॉर मशीन के लिए ईंधन का काम करता है.
मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से अपनी हालिया फोन कॉल में इस युद्ध को न्यायपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से हमेशा के लिए खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया होगा. मेरा हमेशा से मानना रहा है कि इस मामले में भारत का प्रभाव है और मुझे उम्मीद है कि वे इस प्रभाव का समझदारी से इस्तेमाल भी करेंगे.
मोदी ने क्या कहा था?
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने यह बयान पीएम मोदी के उस एक्स पोस्ट की प्रतिक्रिया के तौर पर दी, जिसे उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत होने के बात एक्स पर शेयर किया था. पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में कहा था, “मैंने अपने दोस्त राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक बहुत अच्छी और विस्तृत बातचीत की.” 8 अगस्त, 2025 को पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की फोन पर हुई बातचीत में पुतिन ने पीएम मोदी को यूक्रेन से संबंधित ताजा घटनाक्रमों की जानकारी दी थी.
बता दें कि कई सालों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है. अमेरिका इस युद्ध को किसी भी हाल में समाप्त कराना चाहता है. इसके वह रूस पर लगातार दबाव भी डाल रहा है, लेकिन यूक्रेन और रूस अपने-अपने एजेंडे से टस से मस होने को तैयार नहीं है. इस मामले में जेलेंस्की का रवैया भी समझ से परे है. अब इस काम में अमेरिका चाहता है कि भारत उनकी मदद करे. जबकि अमेरिका खुद यूक्रेन को युद्ध के लिए हथियार मुहैया करा रहा है.
ममता बनर्जी
West bengal News: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका दिया. कलकत्ता हाईकोर्ट ने ओबीसी की नई सूची के संबंध में राज्य की ओर से प्रकाशित सभी अधिसूचनाओं पर अंतरिम रोक लगा दी. यह आदेश 31 जुलाई तक लागू रहेगा.
कलकत्ता हाईकोर्ट में ओबीसी सूची को लेकर अगली सुनवाई 24 जुलाई 2025 को होगी. यह मामला जस्टिस तपोब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस राजशेखर मंथा की बेंच में आया था. इससे पहले सोमवार को राज्य ने पोर्टल खोलकर सभी विभागों से जाति प्रमाण पत्र जमा करने के लिए आवेदन मांगा था. हाईकोर्ट ने उस पर भी रोक लगाने का आदेश दिया.
क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल ओबीसी प्रमाण पत्र रद्द करने के मामले में आवेदक ने दावा किया था कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार सर्वेक्षण नहीं किया गया. राज्य और पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने तर्क दिया कि सर्वेक्षण सभी नियमों के अनुसार किया गया था और इसकी रिपोर्ट पेश की गई थी. सोमवार को खंडपीठ सर्वेक्षण पद्धति समेत सभी दस्तावेज देखना चाहती है. हालांकि वादी के वकीलों ने दावा किया कि सर्वे के संबंध में कोई अधिसूचना प्रकाशित नहीं की गई.
सरकार की तरफ से दिया गया ये तर्क
आयोग के वकील ने कहा कि सर्वेक्षण न्यायालय के सभी आदेशों के अनुरूप किया गया था. गौरतलब है कि पिछले मंगलवार को विधानसभा सत्र में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि न्यायालय के आदेश पर पिछड़े समुदायों की नई सूची तैयार की गई है. कुछ दिन पहले पिछड़ा वर्ग विकास आयोग ने एक विशिष्ट सूची प्रकाशित की थी कि किन जनजातियों को ओबीसी के रूप में मान्यता दी जाएगी। इसमें 140 समुदायों की पहचान ओबीसी के रूप में की गई थी.
अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला आईपीएस Tenzin Yangki
Tenzin Yangki ने अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला आईपीएस बनकर राज्य का गौरव बढ़ाया है. आनंद महिंद्रा ने उनकी मेहनत, जज्बे और सफलता को सलाम करते हुए उन्हें ‘नंबर वन’ बताया. अब सोशल मीडिया पर उनकी कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है.
देश के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश से एक गर्व का पल सामने आया है. Tenzin Yangki ने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल कर राज्य की पहली महिला IPS अधिकारी बनने का गौरव पाया. उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ अरुणाचल बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है. बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करते हुए लिखा कि वे 'वास्तव में नंबर वन' हैं.
आनंद महिंद्रा ने तेनजिन यांगकी की तारीफ करते हुए "मंडे मोटिवेशन' करार दिया. आनंद महिंद्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'इस युवा अधिकारी ने अपने माता-पिता की लोक सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया है. वह अपने माता-पिता की सेवा की विरासत को आगे बढ़ाते हुए खुद के लिए नई राह चुनी है."
अकेले चलने से डरिए मत
उन्होंने आगे लिखा,"किसी भी क्षेत्र में प्रथम होना कभी आसान नहीं होता. इसका मतलब है कि आप पहले अकेले चलें. ताकि एक दिन दूसरे आपके साथ चल सके. आज अकेले चलने से मत डरिए... दूसरे आपके पीछे चलेंगे."
तेनजिंग यांगकी कौन हैं?
तेनजिन यांगकी अरुणाचल प्रदेश की एक आईपीएस अधिकारी हैं. इसी के साथ वह अरुणाचल के पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया. उन्होंने 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 545 वीं रैंक हासिल की है. 17 अक्टूबर को उन्होंने आईपीएस अधिकारियों के 77वें बैच की पासिंग-आउट परेड में भाग लिया. इसमें 36 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व दर्ज किया.' आनंद महिंद्रा की इस एक्स पोस्ट के बाद से तेनजिन यांगक की सोशल मीडिया पर लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं.
यांगकी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में एमए और एमफिल की डिग्री प्राप्त की है. यांगकी राष्ट्रीय सेवा में आने से पहले, उन्होंने 2017 में APPSC परीक्षा उत्तीर्ण की थी. सियांग जिले में एक सर्किल ऑफिसर के रूप में कार्य किया.
माता-पिता रह चुके हैं आईएएस
यांगकी एक ऐसे परिवार से आती हैं, जिसकी सार्वजनिक सेवा की एक मजबूत विरासत रही है. अरुणाचल ऑब्जर्वर के अनुसार, उनके दिवंगत पिता, थुप्तेन टेम्पा आईएएस अधिकारी और पूर्व मंत्री थे. जबकि उनकी मां, जिग्मी चोडेन सेवानिवृत्त होने से पहले अरुणाचल प्रदेश सरकार में सचिव के रूप में कार्यरत थीं.
यांगकी के लिए यह उपलब्धि अरुणाचल और पूर्वोत्तर क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. जहां लंबे समय से राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम रहा है.
हेमंत खंडेलवाल को बधाई देते सीएम मोहन यादव और वीडी शर्मा
MP BJP News Today: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नया अध्यक्ष मिल गया है. बैतूल से विधायक और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल (Hemant Khandelwal) को पार्टी की कमान सौंपी गई है. वे अब तक पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले नेता माने जाते रहे हैं, लेकिन अब उन्हें संगठन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. इससे साफ है कि भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए एक परिपक्व और भरोसेमंद चेहरा चुना है.
बता दें, हेमंत खंडेलवाल से सांसद विष्णु दत्त शर्मा की जगह लेंगे. इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ हेमंत खंडेलवाल ने ही नामांकन दाखिला किया था, उनके अलावा किसी अन्य सदस्य ने दावेदारी पेश नहीं की थी, ऐसे में हेमंत खंडेलवाल का निर्विरोध मध्य प्रदेश बीजेपी का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था.
कौन हैं हेमंत खंडेलवाल?
हेमंत खंडेलवाल बैतूल से विधायक हैं और एक बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं. उनके पिता विजय कुमार खंडेलवाल भी बैतूल से चार बार सांसद रह चुके थे. 2008 में पिता के निधन के बाद हेमंत उपचुनाव में सांसद बने और फिर दो बार विधायक बने. वे पेशे से कारोबारी हैं लेकिन लंबे समय से भाजपा की राजनीति से जुड़े हुए हैं. वे प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष और बैतूल जिला अध्यक्ष जैसे संगठनात्मक पद भी संभाल चुके हैं.
हेमंत खंडेलवाल हमेशा लो-प्रोफाइल रहकर राजनीति करने वाले नेता रहे हैं. साल 2020 में जब कमलनाथ सरकार गिरी थी, तब उन्होंने सिंधिया गुट और बीजेपी के बीच सेतु का काम किया था. उन्होंने शिवराज सिंह चौहान सरकार को दोबारा बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था और बेंगलुरु जाकर विधायकों से लगातार बातचीत कर थे, लेकिन उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से इसका क्रेडिट नहीं लिया. यही उनकी राजनीतिक शैली की खासियत है बिना शोर किए, असरदार काम.
लोकसभा चुनाव में दिखा नेतृत्व कौशल
लोकसभा चुनाव 2024 में हेमंत खंडेलवाल को उम्मीदवार चयन समिति का संयोजक बनाया गया था. उनके नेतृत्व में बीजेपी ने राज्य की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें छिंदवाड़ा जैसी कठिन सीट भी शामिल थी. इस शानदार प्रदर्शन ने उनके संगठनात्मक कौशल को साबित कर दिया.
हेमंत खंडेलवाल का आरएसएस से भी गहरा जुड़ाव रहा है. बैतूल और नागपुर की भौगोलिक नजदीकी का असर उनके वैचारिक झुकाव में भी दिखता है. यही कारण है कि पार्टी और संघ, दोनों में उनकी विश्वसनीयता लगातार बढ़ी है.
जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति
मध्य प्रदेश में बीजेपी की रणनीति जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन पर आधारित रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ओबीसी समुदाय से हैं, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा दलित वर्ग से और विधानसभा अध्यक्ष ब्राह्मण समाज से आते हैं. हेमंत खंडेलवाल के रूप में वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देकर बीजेपी ने सामाजिक संतुलन को और मजबूती दी है. साथ ही, बैतूल जैसे आदिवासी बहुल इलाके से किसी वैश्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी पूरा किया गया है.